मध्य प्रदेश प्रांतीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश चंद्र आचार्य एवं प्रांतीय सचिव दीपेश ओझा ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के सभी जिलों में निजी विद्यालय संचालकों को लूटेरा लूटने वाला डकैत शिक्षा माफिया अनेकों अपमानजनक शब्दों से आरोपित किया जा रहा है जबकि अशासकीय विद्यालयों का चयन अभिभावक स्वयं करते हैं मापदंडों का मूल्यांकन स्वयं करते हैं अनुकूल पाए जाने पर प्रवेश करवाते हैं जिससे विद्यालय विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य सवारते है विद्यालय इन्हीं प्रवेश की शर्तों के अनुरूप विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करने के लिए व्यवस्था जुटाते हैं और समय-समय पर अभिभावकों के साथ इन सुविधाओं को साझा कर सहमति लेते हैं लेकिन कुछ असामाजिक तत्व केवल अपनी कुत्सित मानसिकता के कारण अशासकीय विद्यालयों को अनुचित दबाव देकर अपने उल्लू सीधे करने के लिए बदनाम कर रहे हैं ऐसे में प्रांतीय संघ के सदस्य विद्यालयों के प्रति अपमानजनक शब्दों का सोशल मीडिया व्हाट्सएप फेसबुक टि्वटर समाचार पत्रों में प्रकाशित कर रहे हैं जिससे संघ के समस्त सदस्यों और विद्यालयों संचालकों का अपमान दर्शित होता है अतः प्रांतीय संघ भविष्य में इस प्रकार के किसी भी अपमानजनक अभिव्यक्ति का घोर विरोध करते हुए आई टी एक्ट व अन्य धाराओं में एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में मानहानि का प्रकरण प्रस्तुत करेगा ।